वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने डब्ल्यूटीओ के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन की जानकारी दी

विश्व व्यापार संगठन-डब्ल्यूटीओ का 14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन पिछले महीने की 26 से 29 तारीख तक कैमरून के याउंदे में आयोजित किया गया। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया। श्री गोयल ने आज नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि चार दिवसीय सम्मेलन में डब्ल्यूटीओ सुधार, मत्स्य पालन सब्सिडी, विकास के लिए निवेश सुविधा, ई-कॉमर्स, कृषि और अन्य विकासात्मक मुद्दों सहित प्रमुख वैश्विक व्यापार मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें लघु अर्थव्यवस्थाओं को बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के साथ एकीकृत करने के आवश्यक उपाय शामिल हैं। इन उपायों का मुख्य उद्देश्य वैश्विक व्यापार में भागीदारी बढ़ाने के लिए ट्रेड लॉजिस्टिक, संपर्क और सीमा प्रक्रियाओं में सुधार करना है।

 

व्यापक व्यापार सिद्धांतों पर श्री गोयल ने कहा कि भारत ने सबसे पसंदीदा राष्ट्र और विशेष व्यवहार सिद्धांतों के महत्व को दृढ़ता से दोहराया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने सबसे कम विकसित और विकासशील देशों में डिजिटल अवसंरचना और कौशल विकास को मजबूत करके ई-कॉमर्स क्षेत्र में डिजिटल डिवाइड को पाटने का समर्थन किया है। कृषि के मुद्दे पर श्री गोयल ने कहा कि भारत ने खाद्य सुरक्षा उद्देश्यों के लिए सार्वजनिक स्टॉकहोल्डिंग पर एक स्थायी समाधान और किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक विशेष सुरक्षा तंत्र की आवश्यकता को दोहराया है।

 

मत्स्य पालन सब्सिडी का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सममेलन में अतिरिक्त क्षमता और अत्यधिक मछली पकड़ने की समस्या के समाधान पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि भारत ने लगातार सतत मत्स्य पालन पद्धतियों को अपनाया है और छोटे तथा पारंपरिक मछुआरों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार अत्यधिक दोहन को रोकने के लिए मछली पकड़ने की क्षमताओं की निगरानी कर रही है। देश के मत्स्य पालन क्षेत्र को और विकसित करने के लिए उपाय कर रही है।