फ़रवरी 7, 2026 6:04 अपराह्न | Citizen Participation For Viksit Bharat 2047

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विकसित भारत 2047 के लिए जन-भागीदारी और मजबूत साझेदारी जरूरी: केन्‍द्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर नागरिक की भागीदारी और सरकार तथा लोगों के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता है। वह आज विजयवाड़ा में भारतीय जनता पार्टी की आंध्र प्रदेश इकाई के विकसित भारत बजट 2026-27 विषय पर संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे।
डॉक्‍टर जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब ऐसा देश बन गया है जो वैश्विक समर्थन चाहता था, लेकिन अब दुनिया उसकी ओर देखती है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वदेशी प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
विज्ञान और अंतरिक्ष के बारे चर्चा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2040 तक एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर भेजना है, इस लक्ष्‍य को उन्होंने राष्ट्रीय गौरव और वैज्ञानिक शक्ति के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने देश की पहली स्वदेशी एंटीबायोटिक दवा के विकास पर भी प्रकाश डाला और कहा कि यह भारत की बढ़ती अनुसंधान क्षमता को दर्शाता है तथा गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियों के इलाज में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से प्रमुख रक्षा मामलों की देखरेख करते हैं और निर्णायक नेतृत्व प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि शासन में प्रौद्योगिकी की शुरुआत से सार्वजनिक सेवा वितरण में पारदर्शिता और गति में सुधार हुआ है, जिसमें डिजिटल इंडिया ने एक प्रमुख भूमिका निभाई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत चिकित्सा अनुसंधान, जैव प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन रहा है, जिससे उसकी वैश्विक स्थिति बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पूर्वोत्तर राज्यों पर विशेष ध्यान दे रही है, जिससे बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय प्रगति के लिए सरकारी कर्मचारियों का जिम्मेदार और नैतिक आचरण आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को उच्च प्राथमिकता देती है क्‍योंकि महिलाओं का नेतृत्व विकास की कुंजी है।