चिली में आज राष्ट्रपति पद के लिए मतदान होगा। राष्ट्रपति के लिए सत्तारूढ़ वामपंथी गठबंधन का मुकाबला दक्षिणपंथी दावेदारों से होगा। देश में बढ़ती अपराध दर और बढ़ते आव्रजन तथा वामपंथी राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक की नीतियों से असंतोष बढ गया है। ऐसे में कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि मतदाता चिली के लिए एक अलग दिशा चुनेंगे।
चिली के कानून के अनुसार, किसी भी उम्मीदवार को आधे से ज़्यादा वोट नहीं मिलने पर दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच 14 दिसंबर को एक दूसरे चरण का चुनाव होगा।
चुनाव प्रक्रिया में तीन प्रमुख उम्मीदवारों सहित आठ उम्मीदवार हैं। इनमें चिली को फिर से महान बनाने का वादा करने वाले अति-रूढ़िवादी राजनेता जोस एंटोनियो कास्ट, उदारवादी नेता जोहान्स कैसर और कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्य जेनेट जारा के नाम प्रमुख हैं।
सर्वेक्षणों में सबसे आगे 51 वर्षीय कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्य और वामपंथी बोरिक प्रशासन में श्रम मंत्री रहीं जेनेट जारा हैं। वे घरेलू उत्पादन के ज़रिए विकास को बढ़ावा देने, मज़दूरों के अधिकारों की रक्षा करने और न्यूनतम मज़दूरी बढ़ाने के वादे पर चुनाव लड़ रही हैं। सर्वेक्षणों के अनुसार, उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी कास्ट हैं, अक्सर जिनकी तुलना डॉनल्ड ट्रंप से की जाती है। उनकी कई नीतियाँ अमरीका के राष्ट्रपति की नीतियों से मिलती-जुलती हैं, जिनमें सीमाएँ बंद करने और अनियमित रूप से चिली में प्रवेश करने वाले लगभग तीन लाख लोगों को वापस भेजने का उनका प्रस्ताव भी शामिल है।