अप्रैल 10, 2026 7:03 अपराह्न | Chief of Defence Staff General Anil Chauhan

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प्रमुख रक्षा अध्‍यक्ष जनरल अनिल चौहान ने सशस्त्र सेनाओं को प्रौद्योगिकी-संचालित युद्धक उपकरण के रूप में विकसित होने की आवश्यकता पर बल दिया

प्रमुख रक्षा अध्‍यक्ष जनरल अनिल चौहान ने देश की सशस्त्र सेनाओं को एकीकृत, तेज और प्रौद्योगिकी-संचालित युद्धक उपकरण के रूप में विकसित होने की आवश्यकता पर बल दिया है। बेंगलुरु में आयोजित रण संवाद संगोष्ठी के समापन सत्र को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि बहु-क्षेत्रीय अभियान अब केवल एक वैचारिक चर्चा का विषय नहीं, बल्कि एक उभरती हुई परिचालन की वास्तविकता है।
जनरल चौहान ने कहा कि आधुनिक युद्ध तेजी से पारंपरिक सीमा और समय को पार कर रहा है। उन्होंने कहा कि बहु-क्षेत्रीय अभियानों का सिद्धांत विकसित हो रहा है और इसे प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, डेटाबेस, खुफिया और निगरानी मॉड्यूल के साथ एकीकृत किया गया है। श्री चौहान ने रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ पहल की सराहना की और स्वदेशी हथियार के निर्माण पर बल दिया। जनरल चौहान ने कहा कि 2027 का रण संवाद का आयोजन भारतीय नौसेना करेगी। इसमें पारदर्शी और विस्तारित युद्ध क्षेत्र में उच्च तीव्रता वाले अभियानों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

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