विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत हरित अर्थव्यवस्था का निर्माण करना जरूरी है। आज नई दिल्ली में आयोजित 10वें सस्टेनेबल बिजनेस फ्यूचर समिट को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि देश का हरित अवसंरचना का निर्माण निर्बाध होना चाहिए और ऊर्जा आधारित नवाचारों द्वारा संचालित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र दोनों को ऊर्जा प्रणाली में नवाचार पर काम करना होगा, जो ग्रिड प्रबंधन के साथ-साथ अगली पीढ़ी की ऊर्जा की कमी पर ध्यान केंद्रित करेगा। श्री सिंह ने कहा कि विश्व अपनी आर्थिक संरचना में एक बड़ा प्रतिमान देख रहा है, जो पारंपरिक विनिर्माण से आगे बढ़कर पुनर्योजी, पुनर्चक्रण और सतत प्रक्रियाओं की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी और प्रासंगिक बने रहने के लिए भारत को वैश्विक रणनीतियों, प्राथमिकताओं और मानकों के साथ तालमेल बिठाना होगा।
श्री सिंह ने कहा कि देश के भीतर, अवसंरचना रणनीति में जलवायु संबंधी पहलुओं को सभी क्षेत्रों में एकीकृत किया गया है। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार, हरित हाइड्रोजन का विकास, परिवहन का विद्युतीकरण और सतत जल प्रबंधन शामिल हैं।