मार्च 22, 2026 7:45 पूर्वाह्न

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एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा, पारस्परिक ऋण गारंटी योजना में बड़े बदलाव

सरकार ने बजट 2025-26 के अनुरूप सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के विनिर्माताओं और निर्यातकों को बढ़ावा देने के लिए पारस्परिक ऋण गारंटी योजना में बड़े बदलाव किए हैं।

 

पारस्परिक ऋण गारंटी योजना के तहत पात्र सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों मशीनरी/उपकरण खरीदने हेतु 100 करोड़ तक के सावधि ऋण पर 60 प्रतिशत गारंटी कवरेज प्रदान किया जाता है। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड द्वारा समर्थित यह योजना, गारंटी देकर बैंकों से आसान ऋण दिलाने में मदद करती है।

 

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि संशोधनों से य़ोजना का विस्तार होगा, अनुपालन बोझ कम होगा और निर्यातक एमएसएमई को प्रोत्साहन मिलेगा। संशोधित योजना में चौथे वर्ष बाद किस्तों में पांच प्रतिशत अग्रिम अंशदान वापसी की जा सकती है। संतोषजनक ऋण प्रदर्शन पर चौथे वर्ष से हर साल इसका एक प्रतिशत वापस किया जा सकेगा।

 

पात्रता मानदंड को विस्तारित कर सेवा क्षेत्र के एमएसएमई को भी इसमें शामिल किया गया है। मशीनरी और उपकरणों के लिए न्यूनतम परियोजना लागत की आवश्यकता पहले के 75 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है।

 

मंत्रालय के अनुसार, एमएसएमई के पारस्परिक ऋण गारंटी योजना संशोधनों से निर्यातक एमएसएमई सहित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए संयंत्र, मशीनरी और उपकरण की खरीद के लिए ऋण उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे भारत में विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र को काफी बढ़ावा मिलेगा।