जुलाई 21, 2025 5:53 अपराह्न

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राज्यसभा से लदान पत्र विधेयक-2025 हुआ पारित

संसद ने लदान पत्र विधेयक 2025 पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज इसे मंजूरी दी। लोकसभा इस वर्ष मार्च में इसे पहले ही पारित कर चुकी है। इसका उद्देश्य पोत परिवहन दस्तावेजों के लिए कानूनी ढांचे को नया और सरल बनाना है। यह लदान-पत्र जारी करने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करने वाले भारतीय लदान-पत्र अधिनियम, 1856 का स्थान लेगा।

लदान-पत्र एक मालवाहक द्वारा वाहक को जारी किया जाने वाला एक दस्तावेज़ होता है। इसमें ले जाए जा रहे माल के प्रकार, मात्रा, स्थिति और गंतव्य सहित विवरण शामिल होते हैं। राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा का उत्‍तर देते हुए, केंद्रीय पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद, मंत्रालय की विजन योजना विकसित की गई थी।

इसके अंतर्गत सागरमाला कार्यक्रम शुरू किया गया था और 805 से अधिक परियोजनाओं की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि अब सभी प्रमुख बंदरगाह रेलवे और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं। बंदरगाहों की क्षमता में वृद्धि पर प्रकाश डालते हुए, श्री सोनोवाल ने कहा कि 2013-14 में तटीय नौवहन क्षमता केवल 87 मिलियन मीट्रिक टन थी और आधुनिकीकरण के बाद यह क्षमता बढ़कर 165 मिलियन मीट्रिक टन हो गई।

उन्होंने कहा कि जलमार्गों के संबंध में, यह पहले केवल 18 मिलियन मीट्रिक टन थी और अब यह बढ़कर 145 मिलियन मीट्रिक टन हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को दुनिया के शीर्ष पाँच जहाज निर्माण देशों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है।

इससे पहले, पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वर्ष 2047 तक देश को विकसित देश बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण केवल आकांक्षाओं से प्रेरित नहीं है, बल्कि देश को एक प्रगतिशील राष्ट्र बनाने के लिए कार्रवाई करने का आह्वान है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। श्री सोनोवाल ने पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्गों को आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया।

चर्चा शुरु करते हुए भारतीय जनता पार्टी के शंभू शरण पटेल ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक कामकाज में पारदर्शिता लाएगा। अन्नाद्रमुक के डॉ. एम. थंबीदुरई, भाजपा के अरुण सिंह और अन्य ने भी विधेयक पर बात की। चर्चा जारी है।

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