रामकुमार मुखोपाध्याय द्वारा लिखित बंगाली उपन्यास ‘हरा पार्वती कथा’ को सरस्वती सम्मान, 2025 के लिए चुना गया है। सरस्वती सम्मान एक वार्षिक पुरस्कार है जिसकी स्थापना के.के. बिड़ला फाउंडेशन ने 1991 में की थी।
यह सम्मान भारतीय भाषा में भारतीय नागरिक द्वारा लिखित और पिछले 10 वर्षों में प्रकाशित उत्कृष्ट साहित्यिक कृति को दिया जाता है। पुरस्कार विजेता को 15 लाख रुपये, एक प्रशस्ति पत्र और एक स्मृति चिन्ह प्रदान किया जाएगा।