बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी पार्टी के अमीर शफीकुर रहमान के बयान की व्यापक आलोचना की जा रही है जिसमें उन्होंने कहा है कि कोई महिला, पार्टी की प्रमुख नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि जमात-ए-इस्लामी पार्टी ने आगामी संसदीय चुनाव में किसी भी महिला को अपना उम्मीदवार नहीं बनाया है।
एक साक्षात्कार में दिए गये उनके बयान की राजनीतिक विश्लेषक और मानवधिकार कार्यकर्ता आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये बयान पुरूष प्रधान सोच को दर्शाता है जबकि बांग्लादेश में महिलाओं द्वारा सत्ता संभालने का पुराना इतिहास रहा है। महिला अधिकारों के समूह ने चेतावनी दी है कि इस तरह के बयानों से महिला-पुरूष के बीच समानता कम होती हैं और बांग्लादेश में इस समय जब समावेशी नेतृत्व की जरूरत है तब महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी कमजोर होगी।