बांग्लादेश में राजनीतिक दलों ने मंगलवार को प्रवासी मतदाताओं के लिए डाक मतदान प्रणाली की निष्पक्षता और गोपनीयता पर चिंता व्यक्त करते हुए आग्रह किया है कि अनसुलझी खामियां 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव पर भरोसे को कमजोर कर सकती हैं।
ढाका में चुनाव आयोग द्वारा आयोजित एक ब्रीफिंग में, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी-बीएनपी सहित विपक्षी नेताओं ने विदेशों से आए डाक मतपत्रों की वायरल तस्वीरों का हवाला देते हुए मतपत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता में चूक का आरोप लगाया। उन्होंने मतपत्रों के डिजाइन पर सवाल उठाए और पार्टी व्यवस्था में पक्षपात का दावा किया। उन्होंने क्यूआर कोड आधारित प्रणाली की आलोचना करते हुए कहा है कि दुरुपयोग किए गए मतपत्र मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर सकते हैं।
उम्मीदवारों ने विदेशी मतदाता सूचियों तक पहुंच की बदतर स्थिति की भी शिकायत की है। इससे प्रवासियों तक पहुंचने की उनकी क्षमता सीमित हो गई। वहीं, पार्टियों ने चेतावनी दी कि मतपत्रों पर चुनाव चिन्हों की समानता विदेशों में मतदाताओं को भ्रमित कर सकती है।
चुनाव आयोग ने कहा है कि यह प्रणाली कानूनी रूप से संरक्षित और तकनीकी रूप से सुरक्षित है। साथ ही उल्लंघन पर सख्त दंड की चेतावनी भी दी। हालांकि, अधिकारियों ने विदेशों में मतदान के प्रबंधन में लॉजिस्टिक दबाव और समय की कमी को स्वीकार किया।सुरक्षा उपायों के आश्वासन के बावजूद दलों ने कहा कि पारदर्शिता और धारणा को लेकर संदेह बना हुआ है। इससे कड़े मुकाबले वाले चुनाव में प्रवासी मतदाताओं के मतदान की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।