मार्च 24, 2026 7:23 अपराह्न

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बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लिए एक मसौदा प्रस्ताव पेश किया

बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लिए एक मसौदा प्रस्ताव पेश किया है। यह प्रस्ताव होर्मुज जलडमरूमध्य के भीतर और आस-पास वाणिज्यिक नौवहन की रक्षा करने के बारे में सभी देशों को सभी आवश्यक माध्यम का उपयोग करने का अधिकार प्रदान करेगा। इसे बल प्रयोग करने संबंधी व्यापक स्तर पर अधिकार प्रदान करने के रूप में समझा जा रहा है।

राजनयिकों का मानना है कि खाड़ी के अन्य अरब देशों और अमरीका द्वारा समर्थित इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय सात के तहत रखा जाएगा। यह प्रस्ताव सुरक्षा परिषद को प्रतिबंधों से लेकर सैन्य बल तक कार्रवाई करने का अधिकार प्रदान करता है। रॉयटर के अनुसार यूरोप के दो और पश्चिम के एक राजनयिक ने बताया कि 15 सदस्यों वाले निकाय में ईरान के सहयोगी रूस और चीन का वीटो पावर रखने के कारण इस प्रस्ताव को स्वीकार किये जाने की संभावना बहुत कम है। एक प्रस्ताव को पारित कराने के लिए पक्ष में लगभग नौ वोट और पांच स्थायी सदस्यों रूस, चीन, अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस में से किसी भी देश का वीटो नहीं होना चाहिए।

फ्रांस ने ईरान का ज़िक्र किए बगैर एक अलग और अधिक समझौताकारी मसौदा प्रस्ताव दिया है। हालांकि इसके विशिष्ट प्रावधानों का विवरण अभी भी सीमित है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि वे जलडमरूमध्य में किसी प्रकार की कार्रवाई के लिए संयुक्त राष्ट्र के ढांचे को समर्थन देते है, लेकिन जल मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए तत्काल अभियान में भागीदारी करने से उन्होंने इंकार किया। श्री मैक्रों ने कहा कि शत्रुता समाप्त होने तथा ईरान की सहमति से ही अंतर्राष्ट्रीय प्रयास आगे बढ़ सकते हैं।

सुरक्षा परिषद प्रस्ताव का दबाव बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान अपनी धमकी जारी रख सकता है। यह एक रणनीतिक मार्ग हैं। इसके ज़रिए वैश्विक तेल के पांचवें हिस्से की आपूर्ति होती है। यह खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण है। ईरान के साथ अमरीका और इस्राएल के संघर्ष बढ़ने के बाद इस जलमार्ग के ज़रिए नौवहन लगभग बंद हो चुका है।