जनवरी 11, 2026 9:01 अपराह्न | Iran | Protests

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ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन 14वें दिन भी जारी, हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 116 हुई

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने चेतावनी दी है कि अगर अमरीका हमला करता है तो ईरान, अमरीकी सेना और इस्राइल को निशाना बनाएगा। इस बीच, अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप ने बढ़ते राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों को दबाने पर ईरान पर हमला करने की अपनी धमकी दोहराई है। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश में बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के पीछे अमरीकी प्रशासन का हाथ होने का आरोप लगाया है। खामनेई ने कहा कि प्रदर्शनकारी अमरीका के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए काम कर रहे हैं।

इस बीच, ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन 14वें दिन भी जारी है। प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो सौ से अधिक हो गई है। वहीं, तीन हजार तीन सौ के करीब लोगों को हिरासत में लिया गया है। देश में इंटरनेट और फोन लाइनें बंद होने के कारण मरने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं, 2 हजार छह सौ लोगों को हिरासत में लिया गया है। ईरान में विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए कई यूरोपीय शहरों में भी रैलियां निकाली गई।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने आज देश की संघर्षरत अर्थव्यवस्था में आमूलचूल बदलाव का संकल्प लेते हुए सुलह का रुख अपनाया। उन्‍होंने कहा है कि उनकी सरकार दो हफ्ते के हिंसक राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के बाद लोगों की बात सुनने के लिए तैयार है। श्री पेजेशकियन ने कहा कि प्रशासन देश की आर्थिक समस्याओं को हल करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्‍होंने अमरीका और इस्राइल पर अशांति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
वर्षों के आर्थिक दबाव के बाद दिसंबर के अंत में ईरानी मुद्रा में गिरावट के बाद संकट बढ़ गया है। इसके बाद महंगाई और मुद्रास्फीति पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

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