भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन-एसआईआर का उद्देश्य फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूचियों में शामिल घुसपैठियों के नाम हटाना है। कल शाम नई दिल्ली में निजी मीडिया शिखर सम्मेलन में श्री शाह ने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूचियों की शुद्धता और सटीकता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और केरलम सहित कई राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया को बिना किसी बड़ी आपत्ति के पूरा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल से आपत्तियां आई हैं जबकि अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई है।
असम में शासन व्यवस्था का जिक्र करते हुए श्री शाह ने कहा कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य में शांति और स्थिरता सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि 13 शांति समझौतों के बाद लगभग 11 हजार लोग हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं और कई लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करके पुनर्वासित किया गया है। उन्होंने कहा कि शांति निर्माण और विकास के निरंतर प्रयासों ने असम को बदल दिया है जिससे इसकी विकास यात्रा अधिक विकसित राज्यों के करीब आ गई है।