मार्च 28, 2026 7:48 पूर्वाह्न

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वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत ने संकट का प्रभावी ढंग से सामना किया: गृह मंत्री अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण उत्पन्न वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद, भारत में दैनिक जीवन पर कोई असर नहीं पड़ा है और देश ने इस संकट का प्रभावी ढंग से सामना किया है। नई दिल्ली में कल शाम निजी मीडिया सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में पेट्रोलियम भंडार को मज़बूत करने और सुरक्षित रखने के लिए सरकार के लगातार प्रयासों ने आपूर्ति में स्थिरता सुनिश्चित की है। श्री शाह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जहां कई देशों में ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है, वहीं भारत ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों पर लगभग शून्य प्रभाव के साथ स्थिर आपूर्ति बनाए रखी है। 
 
उन्होंने कहा कि कई देशों को गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ा है, जिनमें ईंधन के इस्तेमाल पर पाबंदियां और आपातकालीन उपाय शामिल हैं, जबकि भारत इस संकट के दौरान स्थिर बना रहा।
 
 
श्री शाह ने कहा कि सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने के लिए लंबे समय के उपाय किए हैं, जिनमें पेट्रोलियम भंडार बढ़ाना और आयात के स्रोतों में विविधता लाना शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत अब 42 देशों से पेट्रोलियम उत्पाद आयात करता है, जबकि 2014 में यह 27 देशों से आयात करता था, इससे आपूर्ति की स्थिरता सुनिश्चित होती है। 
 
उन्होंने कहा कि एल.पी.जी. उत्पादन में वृद्धि और रेलवे के लगभग 98 प्रतिशत परिचालन का विद्युतीकरण होने से ईंधन पर निर्भरता कम हुई है और मौजूदा स्थिति को संभालने में मदद मिली है। श्री शाह ने देशवासियों से आग्रह किया कि वे अपनी सामान्य ज़रूरतों के अनुसार पेट्रोल और डीज़ल खरीदना जारी रखें और उन्हें भरोसा दिलाया कि आपूर्ति में कोई कमी नहीं है। 
 
उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारत की विदेश नीति सभी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने पर केंद्रित है, साथ ही वैश्विक स्तर पर शांति और संयम की वकालत करती है।