केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि अनुच्छे-370 हटने के बाद से कश्मीर, पूर्वोतर और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों से हिंसा 80 प्रतिशत कम हो गई है। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब इन क्षेत्रों से हिंसा पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर श्री शाह ने कहा कि 11 राज्यों में माओवादी आतंक हमेशा से देश की आतंरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती रहा है।
श्री शाह ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आज दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एकीकृत मुख्यालय की आधारशिला रखी गई है। उन्होंने कहा कि एकीकृत मुख्यालय का निर्माण अनुमानित 345 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा और यह देश में मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद से निपटने के लिए सबसे उन्नत केंद्रों में से एक होगा। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस परिसर में आधुनिक इनडोर फायरिंग रेंज, वॉर रूम, साइबर लैब, प्रशिक्षण हॉल और परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए उन्नत उपकरणों की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध होगी। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह पूरे देश के पुलिस विभागों के लिए एक आदर्श विशेष प्रकोष्ठ मुख्यालय के रूप में उभरेगा।
गृहमंत्री ने कहा कि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने देश भर में कई बड़ी आतंकी घटनाओं की जांच के अलावा मादक पदार्थों के गिरोह, नकली भारतीय मुद्रा रैकेट और साइबर अपराध के मामलों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री शाह ने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई उपलब्धियां हासिल की गई हैं, जिनमें तीन नए आपराधिक कानूनों की शुरुआत भी शामिल है। उन्होंने सुरक्षित शहर परियोजना के पहले चरण का भी उद्घाटन किया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि लगभग 857 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक एकीकृत कमांड कंट्रोल कम्युनिकेशन एंड कंप्यूटर सेंटर दिल्ली की जनता को समर्पित किया जा रहा है।
इस अवसर पर दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोल्चा ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत, दिल्ली पुलिस ने पिछले वर्ष अपने व्यापक नशा-विरोधी अभियानों के अंतर्गत 6,000 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस का विशेष प्रकोष्ठ केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से विदेशों से सक्रिय 32 भगोड़े अपराधियों की सूची पर काम कर रही है। श्री गोल्चा ने बताया कि पिछले वर्ष दो अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत में प्रत्यर्पित किया गया था। साइबर अपराध तंत्र को नष्ट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि देश में पहली बार दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामलों में स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करना शुरू कर दिया है।