सरकार ने पांच किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की बिक्री बढ़ा दी है। वैध पहचान पत्र दिखाने पर एलपीजी वितरक-काउंटर पर ये सिलेंडर उपलब्ध होंगे। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि बढ़ती मांग पूरी करने के लिए आपूर्ति बढ़ाने के बाद 23 मार्च से पांच किलो के लगभग 6 लाख 60 हजार सिलेंडरों की बिक्री हुई है।
इन सिलेंडरों की कीमत बाजार दर पर रखी गई है और इनकी खरीद के लिए पता-प्रमाण की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने बताया कि एलपीजी वितरण केन्द्र पर इन सिलेंडरों की कमी की खबर नहीं है। चार अप्रैल को 51 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति की गई और कुल मांग के 95 प्रतिशत की ऑनलाइन बुकिंग हुई।
सरकार ने कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईंधन की निर्बाध आपूर्ति, सुरक्षित समुद्री परिवहन और भारतीय नागरिकों की मदद के लिए व्यापक उपाय किए जा रहे हैं। मंत्रालय ने जोर दिया कि पेट्रोल, डीज़ल या रसोई गैस की देश में कोई कमी नहीं है और घबराहट में खरीद की अफरा-तफरी जरूरी नहीं है।
इस बीच सरकार पाइप लाइन से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का दायरा भी बढ़ा रही है। मौजूदा समय में 3 लाख 60 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन हैं और 3 लाख 90 हजार से अधिक नया पंजीकरण हुआ है। लोगों से ईंधन का वैकल्पिक उपाय अपनाने को भी कहा गया है। आपूर्ति बढ़ाने के लिये तेल शोधन संयंत्र अधिक क्षमता से काम कर रहे हैं और घरेलू एलपीजी का उत्पादन बढ़ाया गया है। राज्यों को अतिरिक्त केरोसीन तेल का भी आवंटन किया गया है।
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। मार्च से अब तक 50 हजार एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं, 1,400 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और 36 वितरकों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों से दैनिक निगरानी और छानबीन करने, परामर्श जारी करने और अफवाहों से निपटने को कहा गया है।