फ़रवरी 9, 2026 1:48 अपराह्न

printer

2014 से देश में पूंजीगत खर्च कई गुना बढ़ गया है: केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि 2014 से देश में पूंजीगत खर्च कई गुना बढ़ गया है। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्‍न का जवाब देते हुए श्री सिंह ने कहा कि 2014 में पूंजीगत खर्च 2 लाख करोड़ रुपये था, जो अब 2026-27 में बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गया है। उन्होंने कहा कि यह पूंजीगत खर्च, वित्त आयोग द्वारा राज्यों को आवंटित अतिरिक्त 4 लाख करोड़ से अधिक रुपये के साथ बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बनाने में मदद कर रहा है। कोयला क्षेत्र पर, मंत्री ने सदन को बताया कि पूंजीगत खर्च 2021-22 में 17,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 31 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि देश ने अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए रिकॉर्ड कोयला उत्पादन देखा है।

श्री पुरी ने कहा कि इस खर्च से पूरे देश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार पैदा होगें। उन्होंने कहा कि जब भी किसी क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर खर्च किया जाता है, तो यह इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने और रोज़गार के अवसर पैदा करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक है, जिसका कुल उत्पादन वित्त वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड एक हजार 47 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की तुलना में 4 दशमलव नौ-आठ प्रतिशत की वृद्धि है। श्री पुरी ने कहा कि इसके परिणामस्वरूप कोयले के आयात में कमी आई है।

सर्वाधिक पठित
सम्पूर्ण जानकारी arrow-right

कोई पोस्ट नहीं मिला