16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के अन्तर्गत संयुक्त भारत-यूरोपीय संघ व्यापक रणनीतिक एजेंडे का लक्ष्य यूरोपीय संघ और भारत के बीच सहयोग को व्यापक, प्रगाढ और बेहतर समन्वय करके रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। यह रणनीतिक एजेंडा समृद्धि और स्थिरता, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार, सुरक्षा और रक्षा, संपर्क और वैश्विक मुद्दों सहित प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करता है। यह 20 से अधिक वर्षों की रणनीतिक साझेदारी पर आधारित एक दूरदर्शी कार्य योजना है जो तेजी से जटिल होते भू-राजनीतिक वातावरण में दोनों पक्षों की विश्वसनीय, पूर्वानुमानित और समान विचारधारा वाले साझेदारों के रूप में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दर्शाती है। दोनों पक्षों ने व्यापार संबंधों, निवेश के अवसरों को मजबूत करने और वैश्विक आपूर्ति तथा मूल्य श्रृंखलाओं को बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। दोनों पक्ष भारत-यूरोपीय संघ स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु साझेदारी के अन्तर्गत सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमत हुए हैं। इसमें ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, स्मार्ट ग्रिड, भंडारण, विद्युत क्षेत्र विनियमन, ऊर्जा और जलवायु कूटनीति शामिल हैं। भारत और यूरोपीय संघ ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए आपसी सम्मान पर आधारित एक स्वतंत्र, मुक्त, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है।
News On AIR | जनवरी 27, 2026 6:27 अपराह्न
16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा, साझेदारी मजबूत करने पर जोर