फ़रवरी 1, 2026 9:40 अपराह्न

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया

वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि इस बार कुल 12 लाख बीस हजार करोड़ रुपए पूंजीगत व्‍यय के रूप में आवंटित किए गए हैं, जो कुल सकल घरेलू उत्‍पाद का चार दशमलव चार प्रतिशत है। यह पिछले 10 वर्षों का सर्वाधिक आवंटन है। इसका उद्देश्‍य ढांचागत सुधारों और आर्थिक विकास को और बल प्रदान करना है। वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार को आशा है कि 2026-27 में राजकोषीय घाटा कुल सकल घरेलू उत्‍पाद का चार दशमलव तीन प्रतिशत रहेगा, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित चार दशमलव चार प्रतिशत से कम है।

           वित्तमंत्री ने बजट के बाद संवाददाता सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस बजट के माध्‍यम से सरकार अर्थव्‍यवस्‍था को बढ़ावा देकर विकास की गति को बनाए रखने का मार्ग प्रशस्‍त कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से, सरकार ढांचागत सुधारों के साथ एक ऐसा वातावरण बनाने पर ध्यान दे रही है, जिससे उत्‍पादकता और रोज़गार के अवसरों में वृद्धि हो सके।

          तकनीकी क्षेत्र के प्रावधानों के बारे में प्रश्‍नों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि 21वीं सदी पूरी तरह से प्रौद्योगिकी पर आधारित है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इससे आम आदमी को फायदा पहुंचे। वित्तमंत्री सीतारामन ने कहा कि हर शहर को प्रति वर्ष एक हजार करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं, और ज़्यादातर ज़ोर टियर-टू, टियर-थ्री शहरों पर रहेगा।

इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर के बारे में उन्होंने कहा कि चालीस हजार करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है। दुर्लभ खनिजों के कॉरिडोर पर उन्होंने कहा कि सरकार ने दुर्लभ खनिज कॉरिडोर स्थापित करने की घोषणा की है ताकि भारत अपने ही सम्‍पदा से अपनी ज़रूरतों को पूरा कर सके।

वित्तमंत्री ने कहा कि एक बार जब सरकार इन खनिजों की पहचान कर लेगी तो बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि डिफेंस कॉरिडोर की सफलता को देखते हुए, दुर्लभ-खनिज कॉरिडोर भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएंगे।