दिसम्बर 31, 2024 1:59 अपराह्न

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हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता, प्रगति और समृद्धि के लिए एक महत्‍वपूर्ण शक्ति के रूप में खड़ा है क्‍वाड: डॉ. एस. जयशंकर 

 
 
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि क्‍वाड हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता, प्रगति और समृद्धि के लिए एक महत्‍वपूर्ण शक्ति के रूप में खड़ा है। एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में डॉ. जयशंकर ने जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया और अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ मिलकर इस क्षेत्र की आवश्‍यकता पूरी करने की वचनबद्धता दोहराई।
 
क्‍वाड की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर क्‍वाड के विदेश मंत्रियों के एक संयुक्‍त वक्‍तव्‍य में कहा गया है कि आपदा से निपटने की आपातकालीन प्रतिक्रिया का कार्य अब एक पूर्ण साझेदारी में परिवर्तित हो चुका है। इसमें यह भी कहा गया है कि क्‍वाड के देश अब हिन्‍द-प्रशांत के साझेदारों के साथ एकजुट होकर काम करेंगे।  क्‍वाड के देश जलवायु परिवर्तन, कैंसर और महामारियों के साथ लड़ने से लेकर गुणवत्‍तापूर्ण अवसंरचना, आतंकवाद से निपटने के प्रयासों और साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने जैसी जटिल चुनौतियों पर ध्‍यान केंद्रित कर रहे हैं। 
 
इस वक्‍तव्‍य में कहा गया है कि चार देशों ने सुनामी से प्रभावित लाखों लोगों की मदद करने के लिए हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र में चालीस हजार से अधिक आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और अन्‍य सहयोगियों का योगदान किया। इसमें कहा गया है कि क्‍वाड के देश भविष्‍य की आवश्‍यकताओं के प्रति जिम्‍मेदारी को पूरी करने के लिए एकजुट होकर काम करने के प्रति वचनबद्ध है।  
 
क्‍वाड, ऑस्‍ट्रेलिया, भारत, जापान और अमरीका का एक समूह है। इस समूह ने 2004 के हिन्‍द महासागर में भूकंप और सुनामी से प्रभावित लोगों की मदद के लिए एक साथ मिलकर सहायता प्रदान की।  
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