जुलाई 9, 2024 9:11 अपराह्न

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हाथरस जिले के एसडीएम, सीओ और तहसीलदार समेत 6 लोगों को निलंबित कर दिया गया

हाथरस भगदड़ मामले में विशेष जांच दल- एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस जिले के एसडीएम, सीओ और तहसीलदार समेत 6 लोगों को निलंबित कर दिया गया है। विशेष जांच दल ने आज अपनी रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें कहा गया है कि घटना के पीछे आयोजकों की लापरवाही मुख्य कारण है। हाथरस के सिकंदराराऊ में दो जुलाई को भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ से 121 लोगों की मौत के मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने दो सदस्यीय एसआईटी गठित की थी।

 

एसआईटी ने 2, 3 और 5 जुलाई को घटना स्थल का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान कुल 125 लोगों का बयान लिए गए, जिसमें प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ आम जनता एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी शामिल हैं। एसआईटी ने हादसे के पीछे किसी बड़ी साजिश से भी इनकार नहीं किया है और गहन जांच की जरूरत बताई है।

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थानीय एसडीएम, सीओ, तहसीलदार, इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज ने अपने दायित्व के निर्वहन करने में लापरवाही बरतीं। एसआईटी की संस्तुति पर राज्य सरकार ने सिकंदराराऊ के एसडीएम, पुलिस क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष, तहसीलदार समेत चौकी इंचार्ज कचौरा और चौकी इंचार्ज पोरा को निलंबित कर दिया है।

 

एसआईटी के मुताबिक आयोजकों ने तथ्यों को छिपाकर कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति ली। अनुमति के लिए लागू शर्तों का अनुपालन नहीं किया गया। आयोजकों द्वारा अप्रत्याशित भीड़ को आमंत्रित कर पर्याप्त एवं सुचारू व्यवस्था नहीं की गई। आयोजक मंडल से जुड़े लोग अव्यवस्था फैलाने के दोषी पाए गए हैं।