स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आज राजस्थान और महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य सेवा वितरण तंत्र का मूल्यांकन करने के लिए एक समीक्षा बैठक की। चर्चा का केंद्र बिंदु सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करना, रोगी-केंद्रित सेवाओं में सुधार करना, नियामक ढाँचों को मजबूत करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में तपेदिक को समाप्त करने की देश की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाना था।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक सशक्त और सतर्क औषधि नियामक प्रणाली की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, सुरक्षा और जन विश्वास सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन से लेकर अंतिम व्यक्ति तक वितरण की संपूर्ण निगरानी अनिवार्य है। उन्होंने सर्वोत्तम नियामक प्रथाओं को अपनाने का आह्वान किया और कहा कि रोगी संतुष्टि, अनुपालन और नियामक पर्यवेक्षण को निरंतर और सतत प्रयास के रूप में जारी रखा जाना चाहिए। निःशुल्क औषधि और निःशुल्क निदान पहलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए, स्वास्थ्य मंत्री ने दोनों राज्यों से आपूर्ति श्रृंखला और निगरानी संबंधी कमियों को दूर करने को कहा।