सेंट्रल जीएसटी के रायपुर मुख्यालय द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों ने तेरह फर्जी फर्मों का पर्दाफाश किया है। बताया गया है कि इन फर्जी फर्मों के जरिए जीएसटी के इनपुर टैक्स क्रेडिट का गलत तरीके से लाभ लेने का प्रयास किया गया। साथ ही सामानों और सेवाओं की आपूर्ति किए बिना ही फर्जी चालान बनाकर करीब 63 करोड़ रूपए का फर्जी इनपुट क्रेटिड प्राप्त किया गया। वहीं, अन्य करदाताओं को लगभग 52 करोड़ रूपए का इन फर्जी इनपुट क्रेडिट हस्तांतरित किया गया। इस संबंध में सेंट्रल जीएसटी रायपुर मुख्यालय के आयुक्त मोहम्मद आबु सामा ने बताया कि रायपुर निवासी हेमंत कसेरा इन फर्जी फर्मों को बनाने और चलाने मुख्य सरगना है। अधिकारियों द्वारा की गई पूछताछ के दौरान उसने तेरह फर्जी फर्म बनाने की बात स्वीकार भी की है। इस आधार पर कल हेमंत कसेरा को केन्द्रीय जीएसटी के जांच दल द्वारा गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी की न्यायिक हिरासत को मंजूरी दे दी है। सेंट्रल जीएसटी के आयुक्त ने बताया कि फर्जी बिलिंग के इस मामले में अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच दल के अधिकारियों ने तलाशी अभियान के दौरान बड़ी संख्या में आधार कार्ड, पैन कार्ड और हस्ताक्षर किए हुए चेक बुक सहित अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी नकली फर्मों का जीएसटी रिटर्न एक ही इंटरनेट लॉगिन से दाखिल किया जा रहा था। फिलहाज जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
Site Admin | अप्रैल 4, 2024 9:58 अपराह्न
सेंट्रल जीएसटी द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान 13 फर्जी फर्मों का हुआ पर्दाफाश