भारत के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि सुशासन एक अमूर्त आदर्श नहीं बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक केन्द्रित वितरण में निहित एक दैनिक प्रशासनिक जिम्मेदारी है। सुशासन दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित सुशासन कार्य प्रणालियों पर राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मंत्रालय और विभागों में सहयोगात्मक प्रयासों ने प्रशासनिक दक्षता को सशक्त बनाया है और सामाजिक कल्याण संबंधी परिणामों में वृद्धि की है। इस कार्यक्रम के दौरान डॉ. सिंह ने केंद्र सरकार में पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण पर दिशानिर्देशों के संग्रह, एआई-संचालित भर्ती नियम जनरेटर टूल और कर्मयोगी डिजिटल लर्निंग लैब 2.0 सहित पांच प्रमुख पहलों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य मुख्य शासन प्रक्रियाओं को सशक्त बनाना और तेजी से उभरते प्रशासनिक परिदृश्य की चुनौतियों के लिए सिविल सेवकों को तैयार करना है। डॉ. सिंह ने शासन की कार्य प्रणालियों को पुन: आकार देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में विशेष अभियान 5.0 की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र आज सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी की पद्धति को स्थापित करने वाले तथा जन-केंद्रित शासन की नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मना रहा है। इसलिए सुशासन दिवस विशेष महत्व रखता है।
Site Admin | दिसम्बर 25, 2025 5:03 अपराह्न
सुशासन अमूर्त आदर्श नहीं, बल्कि दैनिक प्रशासनिक जिम्मेदारी है: भारत के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह