संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतरश ने कहा है कि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों की सूची में एशिया का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है और इसमें सुधार किया जाना चाहिए।
इस वर्ष के लिए अपनी प्राथमिकताओं के बारे में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकताओं पर जोर दिया और कहा कि शांति और सुरक्षा व्यवस्था की मुख्य भूमिका संयुक्त राष्ट्र की है।
श्री गुतरश ने कहा कि सुरक्षा परिषद में एशिया के कम प्रतिनिधित्व को देखते हुए संतुलन स्थापित करने की जरूरत है। परिषद में स्थायी सदस्यता की दावेदारी कर रहे भारत ने इस दिशा में सुधार का प्रस्ताव रखा है और इस बारे में संयुक्त राष्ट्र के अन्य सदस्यों का भी व्यापक रूप से समर्थन मिला है।
श्री गुतरश ने सुधार प्रक्रिया को अवरूद्ध करने वालों की निंदा की। आम सहमति के लिए एकजुट कहे जाने वाला देशों का एक छोटा समूह पिछले एक दशक से अधिक समय से प्रक्रिया को रोक रहा है। इसका नेतृत्व इटली कर रहा है और इसमें पाकिस्तान भी शामिल हैं।
श्री गुतरश ने कहा कि स्थायी सदस्यों के वीटो के अधिकारों पर पाबंदी लगाने के विचार का वे समर्थन करते है। उन्होंने कहा कि यह, कई गंभीर मुद्दों पर परिषद की कार्रवाई में बड़ी बाधा बने हुए है।