जनवरी 25, 2026 10:00 अपराह्न

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सिलम्बम विशेषज्ञ के. पजानीवेल को पद्म श्री, पारंपरिक तमिल मार्शल आर्ट में योगदान को मान्यता

प्राचीन तमिल मार्शल आर्ट सिलम्‍बम विशेषज्ञ पुद्दुचेरी के के० पजानीवेल को पद्म श्री से सम्‍मानित करने से इस परम्‍परागत मार्शल आर्ट में उनके योगदान को मान्‍यता दी गई है।

पूराननकुप्‍पम में तीस जनवरी 1973 को जन्‍मे पजानीवेल ने अपनी सिलम्‍बम की यात्रा गुरू राजाराम के निर्देशन में शुरू की थी। देश-विदेश में दशकों तक उन्‍होंने सिलम्‍बम का संरक्षण करने, प्रोत्‍साहन देने और लोकप्रिय बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्‍होंने अनेक छात्रों को नि:शुल्‍क सिलम्‍बम का प्रशिक्षण दिया है, जिससे यह परम्‍परागत कला भविष्‍य की पीढियों तक पहुंच सके।

पद्म श्री से सम्‍मानित होने पर प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुए श्री पजानीवेल ने आकाशवाणी से कहा कि वह इस सम्‍मान को तमिल धरोहर को चार दशक तक विश्‍व तक ले जाने के प्रोत्‍साहन के रूप में मानते हैं। 

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