देश की खुदरा मुद्रास्फीति इस साल सितंबर में घटकर एक दशमलव पांच-चार प्रतिशत पर आ गई। यह पिछले आठ वर्ष में सबसे कम है। पिछले महीने यह दो दशमलव शून्य-सात प्रतिशत थी। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जून 2017 के बाद मुद्रास्फीति की यह सबसे कम दर है।
अखिल भारतीय उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति दर में भी लगातार चौथे महीने गिरावट आई। सितंबर महीने में यह दो दशमलव दो-आठ प्रतिशत पर आ गई। दिसंबर 2018 के बाद खाद्य मुद्रास्फीति सबसे कम है।
मंत्रालय के अनुसार मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट मुख्य रूप से सब्जियों, तेल, फलों, दालों और अनाज की कीमतों में गिरावट के कारण आई है।