सर्वोच्च न्यायालय ने आज केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और अन्य हितधारकों को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार लाने के लिए चार सप्ताह के भीतर अपनी कार्य योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह कार्ययोजना केंद्रीय प्रदूषण निगरानी संस्था द्वारा सुझाए गए दीर्घकालिक उपायों पर केन्द्रित होगी। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा विपुल एम पंचोली की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग-सी.ए.क्यू.एम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का संज्ञान लिया। सी.ए.क्यू.एम ने 15 दीर्घकालिक उपायों की सिफारिश की है। सी.ए.क्यू.एम ने उन संबंधित एजेंसियों की भी पहचान की है जो इन दीर्घकालिक उपायों को लागू करने के लिए सक्षम हैं। शीर्ष न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि वह सिफारिशों पर किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं करेगा। 17 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने प्रदूषण संकट को हर साल की समस्या बताया है और इस समस्या से निपटने के लिए व्यावहारिक और कारगर समाधानों पर बल दिया है।
Site Admin | जनवरी 21, 2026 9:20 अपराह्न
सर्वोच्च न्यायालय ने NCR में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए कार्ययोजना पेश करने का दिया निर्देश