सर्वोच्च न्यायालय ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार को बड़ा झटका देते हुए आज उसे लगभग 20 लाख राज्य सरकारी कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ता- डीए का भुगतान करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने राज्य सरकार को अगले महीने की 6 तारीख तक कम से कम 25 प्रतिशत बकाया डीए का भुगतान करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने अपने उन पुराने निर्देशों की पुष्टि की है जो वर्षों से लंबित थे।
डीए विवाद 2008-2019 से चल रहा है, जिसमें कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें कानूनी रूप से हकदार होने के बावजूद भत्ते से वंचित रखा गया था। सर्वोच्च न्यायालय ने पहले कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया था, लेकिन राज्य सरकार निर्देशों का पालन करने में विफल रही। सर्वोच्च न्यायालय ने फिर से पुष्टि की है कि एक दशक से अधिक समय से जमा हुए बकाया का भुगतान किया जाना चाहिए।