सर्वाेच्च न्यायालय ने राज्य सरकार पर बेवजह एसएलपी दायर करने पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। अदालत ने कहा कि इस तरह के एसएलपी दायर किए जाने से समय की बर्बादी होती है। अदालत ने इसके लिए दोषी अधिकारियों को चिन्हित कर उनसे जुर्माने की राशि वसूलने का आदेश दिया है।
इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से कहा है कि वे सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश को गंभीरता से लें और जिन अधिकारियों ने दुर्भावना से ग्रसित होकर ऐसे एसएलपी दायर किए हैं, उनसे पैसे की वसूली की जाए।