वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि स्वास्थ्य बीमा सरकार की प्राथमिकता है। सरकार वर्ष 2033 तक सभी को बीमा कवरेज प्रदान करने की दिशा में काम कर रही है। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि एक व्यापक ग्रामीण पहुंच योजना शुरू की गई है जिसके तहत देश भर में 25 हजार ग्राम पंचायतों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया जाएगा। श्रीमती सीतारमण ने आगे कहा कि सरकार स्वास्थ्य बीमा को प्राथमिकता वाला क्षेत्र मानती है और इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए, विशेष रूप से ग्रामीण भारत में, कई नीतिगत कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने 2024 में नियम अधिसूचित किए हैं जिनके तहत ग्राम पंचायत को बीमा कवरेज और ग्रामीण दायित्वों को मापने की मूल इकाई माना जाएगा।
वैश्विक स्तर की तुलना में भारत में बीमा की कम पहुंच को उजागर करते हुए श्रीमती सीतारमण ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा सहित देश का प्रति व्यक्ति बीमा प्रीमियम मात्र 97 डॉलर है, जबकि वैश्विक औसत 943 डॉलर है। स्वास्थ्य बीमा के क्षेत्र में मंत्री जी ने कहा कि बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है, और 2024-25 में इस क्षेत्र का कारोबार 1 लाख 17 हजार 505 करोड़ रुपये रहा और विभिन्न बीमा योजनाओं के तहत 58 करोड़ लोगों को कवर किया गया।
उन्होंने आगे कहा कि सरकारी और निजी बीमा कंपनियों के साथ-साथ सरकार समर्थित बीमा कंपनियां भी कवरेज के विस्तार में योगदान दे रही हैं। श्रीमती सीतारमण ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार ने खासकर गरीबों और कमजोर वर्गों के लिए प्रीमियम दरों को किफायती रखने पर ध्यान केंद्रित किया है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना 436 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर प्रदान करती है, जिससे यह कम आय वाले परिवारों के लिए सुलभ हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना को भारी संख्या में अपनाया गया है, और अब तक 26 करोड़ 79 लाख लोगों ने नामांकन कराया है, जो व्यापक वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयासों को दर्शाता है।