जनवरी 16, 2026 9:31 अपराह्न

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सरकार बजट सत्र में बीज अधिनियम 1966 में संशोधन विधेयक लाएगी: केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

सरकार संसद के आगामी बजट सत्र में बीज अधिनियम 1966 में संशोधन करने के लिए एक कानून लाएगी। आज नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए, कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस कानून का उद्देश्‍य खराब क्वालिटी, नकली और बिना लाइसेंस वाले बीजों की बिक्री पर रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि देश भर में एक सीड ट्रेसिबिलिटी सिस्टम यानि  बीज पहचान व्‍यवस्‍था स्‍थापित की जाएगी। इसके अंतर्गत हर बीज के पैकेट पर एक क्‍यू.आर. कोड होगा, जिससे किसानों को उसकी उत्पत्ति के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी और नकली या घटिया बीजों की बिक्री को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब हर बीज कंपनी को रजिस्टर्ड होना होगा। इससे बाजार से नकली कंपनियां खत्म हो जाएंगी और यह सुनिश्चित होगा कि किसानों को बीज केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही मिलें।

श्री चौहान ने बताया कि नए बिल के तहत घटिया बीज बेचने पर 30 लाख रुपये तक का जुर्माना और कठोर सजा का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि संशोधित कानून में तीन स्तरों पर प्रावधान होंगे, जिसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र सहित सार्वजनिक क्षेत्र, उच्च गुणवत्ता वाले बीज बनाने वाली घरेलू कंपनियां और विदेशी बीजों के लिए एक मजबूत मूल्यांकन तंत्र शामिल होगा। श्री चौहान ने कहा कि मौजूदा बीज अधिनियम 1966 ऐसे समय का था जब उन्नत तकनीक या डेटा सिस्टम नहीं थे। नया कानून ट्रेसिबिलिटी, डिजिटल रिकॉर्ड और जवाबदेही पर आधारित एक आधुनिक कानून होगा।