सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि सरकार ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-सीपीआई की गणना से खाद्य और शिक्षा को हटा दिया है। पत्र सूचना कार्यालय -पीआईबी की तथ्य जांच इकाई ने स्पष्ट किया कि ये दावे झूठे हैं और खाद्य और शिक्षा सीपीआई बास्केट के प्रमुख हिस्सा बने हुए हैं।
सरकार ने नागरिकों से सटीक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने और किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करने का आग्रह किया है। पीआईबी ने अनुरोध किया है कि वे सरकार से संबंधित किसी भी संदिग्ध सामग्री की सूचना factcheck@pib.gov.in पर ईमेल के जरिए भेजें।