सरकार ने पारदर्शिता, जवाबदेही और किसानों को समय पर दावों का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में संशोधन किया है। आज लोकसभा में पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले किसानों को भुगतान प्राप्त करने के लिए कई महीनों तक इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि यदि बीमा कंपनियां 21 दिनों के भीतर दावों का निपटान करने में विफल रहती हैं, तो उन्हें कृषि संबंधी दावों पर 12% ब्याज सहित भुगतान करना होगा। श्री चौहान ने बताया कि यदि राज्य सरकारें भी दावा प्रक्रिया में देरी करती हैं, तो उन्हें किसानों को 12% ब्याज देना होगा। उन्होंने कहा कि किसान, दावा निपटान से संबंधित अपनी शिकायतों के लिए कृषि रक्षक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। श्री चौहान ने कहा कि अब तक इस पोर्टल पर 2 लाख 71 हजार शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं और सरकार इस संबंध में जांच कर सख्त कार्रवाई कर रही है।
श्री चौहान ने कहा कि सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद कर रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष गेंहू, धान, तिलहन और दलहन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद में वृद्धि हुई है। श्री चौहान ने कहा कि रिकॉर्ड स्तर पर फसलों की खरीद जारी है और सरकार ने अरहर, मसूर और उड़द जैसी दलहन फसलों की अधिक से अधिक खरीद का लक्ष्य रखा है।