सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे उस वीडियो का खंडन किया है जिसमें दावा किया गया है कि विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन अधिनियम (ग्रामीण) के अंतर्गत न्यूनतम मजदूरी का निर्धारण नहीं किया जाएगा।
पत्र सूचना कार्यालय -पीआईबी की तथ्य जांच इकाई ने बताया है कि यह दावा भ्रामक है। इकाई ने कहा कि श्रमिकों को दी जाने वाली मजदूरी में कोई कमी नहीं की जाएगी और रोजगार की कानूनी गारंटी पहले की तरह जारी रहेगी। पीआईबी ने नागरिकों से सटीक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने का आग्रह किया है।