रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा है कि सरकार उर्वरकों की तस्करी और जमाखोरी रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। लोकसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्न का उत्तर देते हुए श्री नड्डा ने कहा कि उर्वरक आवश्यक वस्तु है और इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और उर्वरक संचालन नियंत्रण आदेश, 1973 के तहत अधिसूचित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत उर्वरकों की कालाबाजारी, हेराफेरी और तस्करी को रोकने तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्रावधानों का उल्लंघन करने में शामिल किसी भी व्यक्ति या उर्वरक कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का पर्याप्त अधिकार है।
श्री नड्डा ने कहा कि सरकार उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और हेराफेरी पर नियमित रूप से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि उर्वरक विभाग का कार्य राज्य स्तर पर उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है। हालाँकि, राज्य के भीतर ज़िला स्तर पर उर्वरकों का वितरण संबंधित राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। श्री नड्डा ने कहा कि राज्य सरकारों से नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार की सीमा से सटे राज्यों से, भारत से पड़ोसी देशों को यूरिया जैसे उर्वरकों की तस्करी रोकने के लिए सीमाओं पर सतर्कता बढ़ाने का नियमित रूप से अनुरोध किया जाता रहा है।