सक्रिय सुशासन और योजनाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए प्रधानमंत्री के प्रमुख तंत्र प्रगति ने अपनी 50वीं बैठक के साथ महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री ने 2015 में इस तंत्र का शुभारंभ किया था। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री की सीधी समीक्षा के कारण बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी और मुद्दों का समाधान संभव हुआ है।
प्रगति ने केंद्र, राज्य और केंद्रीय मंत्रालयों को एकल डिजिटल मंच पर लाकर सहकारी संघवाद का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रगति से निर्णय लेने की प्रक्रिया, परियोजनाअें में देरी के कारणों का समाधान और जवाबदेही तय करने में मदद मिली है। इस विशेष श्रृंखला में आज हम पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की परियोजना एन्नोर-तिरुवल्लुर-बेंगलुरु-पुद्दुचेरी -नागापट्टिनम-मदुरई-तूतीकोरिन प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना पर नजर डालते हैं।