संस्कृति मंत्रालय और भारतीय वाणिज्य तथा उद्योग परिसंघ ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को रचनात्मक अर्थव्यवस्था से जोड़कर व्यापक रणनीति तैयार करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि यह समझौता संस्कृति को आर्थिक समृद्धि का आधार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इससे देश के कलाकारों और शिल्पकारों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। श्री शेखावत ने कहा कि यह समझौता सांस्कृतिक उत्पादों और सेवाओं को वैश्विक मान्यता दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।