उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली में अमरीका-भारत स्ट्रटीज़िक पार्टनरशिप फोरम टूरिज़्म लीडरशिप समिट का उद्घाटन किया। शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा है कि पर्यटन एक उद्योग से कहीं ज्यादा है और यह संस्कृतियों तथा आर्थिक अवसरों के बीच एक सेतु का काम करता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन सौहार्दपूर्ण कूटनीति का एक सशक्त माध्यम है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज पर्यटक पर्यावरण अनुकूल पर्यटन, स्थानीय संस्कृति और विरासत, स्वास्थय वर्धक अनुभव और लोगों के साथ सार्थक जुड़ाव चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यटन रोजगार पैदा करने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। उपराष्ट्रपति ने पर्यटन क्षेत्र का समावेशी और सतत् विकास सुनिश्चित करने के लिए कौशल विकास, उद्यमिता और महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों में निवेश पर ज़ोर दिया।
श्री राधाकृष्णन ने भारत के पर्यावरण दृष्टिकोण 2029 का भी उल्लेख किया। इसका उद्देश्य सुदृढ़ बुनियादी ढ़ांचे, निर्बाध संपर्क व्यवस्था, आधुनिक सुविधाओं और पर्यावरण, स्थानीय संस्कृति तथा अर्थव्यवस्था का ध्यान रखते हुए प्रत्येक राज्य़ में कम से कम एक विश्वस्तरीय पर्यटक स्थल का विकास करना है।
उपराष्ट्रपति ने पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सुविधाओं को उन्नत करने और पर्यटन स्थल से जुड़ी जानकारी देने के लिए डिजिटल स्टोरी टेलिंग शुरू करने पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने पर्यटन को पर्यावरण के लक्ष्यों के साथ जोड़ने पर बल दिया। उपराष्ट्रपति ने पर्यटन को सुविधाजनक बनाने के लिए एआई आधारित समाधानों का उपयोग करने को भी कहा हैं।