संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के हंगामे के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। राज्यसभा की कार्यवाही आज सुबह जब 11 बजे शुरू हुई तो उपसभापति हरिवंश ने शून्यकाल चलाने की कोशिश की। लेकिन विपक्षी सदस्यों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और अन्य मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें पांच विभिन्न मुद्दों पर विभिन्न राजनीतिक दलों से 29 स्थगन नोटिस मिले, जिनमें से 18 ऐसे मामले हैं, जो न्यायालय में विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि नियमानुसार न्यायालय में विचाराधीन मामलों पर चर्चा नहीं की जाएगी और सभी नोटिस को खारिज कर दिया जाएगा। उपसभापति ने विरोध कर रहे सदस्यों से अपनी सीट पर जाने का आग्रह बार-बार किया और सदन को चलने देने के लिए अपील की। श्री हरिवंश ने कहा कि राज्यसभा में निरंतर बाधाओं के कारण 62 घंटों से अधिक समय की बर्बादी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल और शून्यकाल सदस्यों के लिए है। उन्होंने विरोध करने वाले सदस्यों से सदन की कार्यवाही बाधित नहीं करने का आग्रह किया। हंगामा जारी रहने के कारण उपसभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
लोकसभा में भी इसी प्रकार के दृश्य देखने को मिले। सदन की कार्यवाही जब सुबह 11 बजे शुरू हुई, तो विपक्षी सदस्यों ने विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर चर्चा की मांग के समर्थन में विरोध शुरू कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि विरोध करने वाले सदस्य सुनियोजित तरीके से सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। श्री बिरला ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही पिछले 14 दिनों से बाधित हो रही है। यह लोकतांत्रिक परम्परा के अनुकूल नहीं है। शोर-शराबे के बीच पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने वन्यजीव आवासों का एकीकृत विकास योजना से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दिया। बार-बार आग्रह करने के बावजूद विपक्षी सदस्यों ने अपना विरोध जारी रखा। इसे देखते हुए अध्यक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।