संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कुल 21 बैठकें होगी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह संसद का पहला सत्र है। संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने बताया कि सत्र के दौरान निपटाये जाने वाले महत्वपूर्ण विधायी और अन्य कार्य तय कर लिये गये हैं।
संसद सत्र से पहले कल सरकार ने दोनों सदनों की सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करने में सहयोग के लिये सर्वदलीय बैठक बुलाई। लोकसभा और राज्य सभा में विभिन्न दलों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदन नेताओं ने इस बैठक में भाग लिया।
केन्द्रीय मंत्री और राज्य सभा में सदन के नेता जे. पी. नड्डा ने बैठक की अध्यक्षता की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और डॉ. एल मुरूगन बैठक में उपस्थित थे। इनके अतिरिक्त कांग्रेस पार्टी के गौरव गोगोई और प्रमोद तिवारी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरद पवार गुट की सुप्रिया सुले, डीएमके पार्टी के तिरूचि शिवा और टीआर बालू, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने बैठक में भाग लिया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजु ने बताया कि सरकार दोनों सदनों में किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर नियमानुसार विचार विमर्श के लिए तैयार है।
बैठक के बाद श्री रिजिजू ने संवाददाताओं को बताया कि बैठक बहुत ही रचनात्मक रही और सदन नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी पार्टी का रुख सामने रखा।
श्री रिजिजू ने कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह स्पष्ट है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने सरकार को सदन की कार्यवाही में पूरे सहयोग का आश्वासन दिया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच माध्यस्थता के अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को उठाने के विपक्ष की मंशा के बारे में पूछे जाने पर संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि सरकार सदन में इस मुद्दे पर समुचित जवाब देगी।
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा पर महाभियोग मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सभी दलों के साथ मिलकर यह प्रक्रिया पूरी होगी, क्योंकि यह केवल सरकार का फैसला नहीं है। न्यायमूर्ति वर्मा को हटाए जाने के प्रस्ताव को कई सांसदों का समर्थन प्राप्त है। श्री रिजिजू ने बताया कि इस पर हस्ताक्षर करने वाले सांसदों की संख्या एक सौ से अधिक हो चुकी है।
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने राष्ट्रपति ट्रंप के दावे, पहलगाम आतंकी हमला और बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण मुद्दे पर सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वक्तव्य की मांग की।
रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के श्री एन. के. प्रेमचन्द्रन ने कहा कि पूरे विपक्ष ने पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और संघर्ष विराम के बारे में राष्ट्रपति ट्रंप के बयान पर बहस की मांग की।
बीजू जनता दल के नेता सस्मित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी ओडिसा में कानून व्यवस्था की स्थिति और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार का मुद्दा उठायेगी।