संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद की कार्यवाही में विपक्षी सांसदों के व्यवधान को लेकर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि संविधान और संसदीय प्रक्रिया नियमों के तहत सरकार प्रत्येक मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है।
श्री रिजिजू ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरिक्षण का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और इस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि संसद में एसआईआर मुद्दे पर चर्चा का मतलब नियमों और परम्पराओं को तोड़ना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि नियमों में स्पष्ट है कि निर्वाचन आयोग जैसे स्वायत्त निकायों के कार्यक्रमों पर चर्चा नहीं हो सकती। उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर रहे सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने का अनुरोध किया क्योंकि कई महत्वपूर्ण विधेयक विचार के लिए सूचीबद्ध हैं।
शोर-शराबे के बीच पोत परिवहन जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानन्द सोनोवाल द्वारा लोकसभा में पेश वाणिज्य पोत परिवहन विधेयक-2024 को संशोधनों के साथ पारित हुआ। शोर-शराबे के बीच पीठासीन अधिकारी ने कार्यवाही कल दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
राज्यसभा में भी कल ऐसी ही स्थिति रही। सदन की कार्यवाही पहले स्थगन के बाद, जब दोपहर बाद दो बजे शुरू हुई तो विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरिक्षण और अन्य मुद्दो को लेकर सदन में हंगामा किया।