संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय तथा कई अन्य मानवाधिकार और कानूनी संगठनों ने पाकिस्तानी मानवाधिकार वकीलों इमान ज़ैनब मज़ारी-हाज़िर तथा हादी अली चट्टा को दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाए जाने की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने पाकिस्तान में अंस्तुष्ट आवाजों को दबाने के पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक अपराध निवारण अधिनियम के तहत कानूनों के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की है।
यह बयान पिछले सप्ताह एक पाकिस्तानी अदालत के एक फैसले के बाद आया है जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े एक मामले में कई आरोपों पर इमान और उसके पति पर संयुक्त रूप से 17 साल की जेल और प्रत्येक पर तीन करोड़ 60 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाया है।