श्रम सचिव सुमिता डावरा ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन-ईपीएफओ में सुधारों पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि समीक्षा बैठक में जीवनयापन और कारोबार में सुगमता लाने के लिए सामाजिक सुरक्षा के विस्तार और नई पहल की आवश्यकता पर जोर दिया गया। मंत्रालय ने बताया कि दावों के त्वरित निपटारे के लिए ईपीएफओ द्वारा बीमारी, शिक्षा, विवाह और आवास के लिए एक लाख तक की अग्रिम राशि का ऑटो सेटलमेंट लागू किया गया है। इसमें कहा गया है कि लगभग 25 लाख अग्रिम दावों का निपटान ऑटो सेटलमेंट से ही किया गया। साथ ही अब तक 50 प्रतिशत से अधिक बीमारी के दावों का भी निपटान किया जा चुका है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इससे दावों के निपटान की गति बढी है और बड़ी संख्या में दावों का निपटान अब तीन दिनों के भीतर किया जा रहा है। समीक्षा बैठक के दौरान मुकदमेबाजी प्रबंधन और लेखा परीक्षा में परिचालन सुधारों पर भी चर्चा की गई। मंत्रालय ने कहा कि श्रम सचिव सुमिता डावरा ने ईपीएफओ को प्रणालीगत सुधारों के लिए सक्रिय कदम जारी रखने की सलाह भी दी।