शिक्षा मंत्रालय ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में हाल ही में छात्र आत्महत्याओं की घटनाओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
मंत्रालय ने छात्र आत्महत्या की हालिया घटना का संज्ञान लेते हुए कहा है कि छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। समिति को पंद्रह दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
मंत्रालय ने आज जारी आदेश में कहा कि उसने जुलाई 2023 में पूरे देश में एक समावेशी और सहायक परिसर वातावरण बनाने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के भावनात्मक और मानसिक कल्याण के लिए रूपरेखा दिशानिर्देश अधिसूचित किए थे।
ये दिशानिर्देश शिक्षकों के बीच जागरूकता, छात्र परामर्श और मार्गदर्शन, तनाव का शीघ्र पता लगाना, आत्महत्या रोकथाम के लिए संस्थागत मानक संचालन प्रक्रियाएं और मित्र-मार्गदर्शक प्रणाली पर जोर देते हैं।
समिति 2023 की रूपरेखा के अनुपालन का आकलन करेगी, छात्र आत्महत्या के मामलों से संबंधित परिस्थितियों की जांच करेगी, संस्थागत सहायता प्रणालियों में कमियों की पहचान करेगी और मानसिक स्वास्थ्य तथा कल्याण व्यवस्था मजबूत करने के उपायों की सिफारिश करेगी।