विश्व आर्थिक मंच में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस पहुंचने पर कल वहां महाराष्ट्र राज्य गीत की धुन गूंज उठी।
एक विज्ञप्ति के अनुसार, स्विट्जरलैंड में रहने वाले मराठी समुदाय ने उनका बड़े उत्साह से स्वागत किया और पारंपरिक वेशभूषा, रीति-रिवाजों से महाराष्ट्र की भावना को जीवंत कर दिया।
मुख्यमंत्री पांच दिवसीय दौरे के लिए आज सुबह ज्यूरिख पहुंचे। श्री फडणवीस ने मराठी समुदाय द्वारा किए गए सौहार्दपूर्ण और उत्साहपूर्ण स्वागत के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
स्विट्जरलैंड में भारत के राजदूत मृदुल कुमार ने मुख्यमंत्री का औपचारिक रूप से स्वागत किया। अपने स्वागत भाषण में मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य सरकार की ‘महा-एनआरआई फोरम’ की स्थापना की पहल के बारे में बात की।
उन्होंने आगे कहा कि इस मंच का उद्देश्य वैश्विक मराठी प्रवासी समुदाय के साथ संबंधों को मजबूत करना और साथ ही स्वदेश, स्वधर्म और स्वभाषा के साझा मूल्यों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
उन्होंने आगे कहा कि हम अब मुंबई के विकास के लिए महत्वाकांक्षी और ठोस योजनाओं पर काम कर रहे हैं। अगले पांच वर्षों में, हमारा मुंबई वैश्विक स्तर पर सबसे उन्नत शहरी केंद्रों में शुमार होगा, जो विकसित देशों की राजधानियों को भी पीछे छोड़ देगा।
फडणवीस ने कहा कि मराठियों ने विश्व भर में अपनी पहचान बनाई है। मराठी समुदाय विशिष्टता के साथ प्रगति कर रहा है।
इसके साथ ही आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए चार दिन की दावोस यात्रा पर रवाना हो गए हैं।
मुख्यमंत्री के साथ मंत्री नारा लोकेश और टी.जी. भरत तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी हैं। इस यात्रा का उद्देश्य वैश्विक निवेश आकर्षित करना और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है।
इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री 36 कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इनमें तीन अंतर-सरकारी बैठकें, वैश्विक सीईओ के साथ 16 व्यक्तिगत बैठकें, कई गोलमेज सम्मेलन, पैनल चर्चा और पूर्ण सत्र शामिल हैं। वे तेलुगु प्रवासी समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे।