विश्व आज अंतर्राष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस मना रहा है। यह बाल कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाने, कैंसर से पीड़ित बच्चों तथा किशोरों और कैंसर से उबर चुके लोगों तथा उनके परिवारों के प्रति समर्थन जुटाने के लिए एक विश्व स्तर पर सहयोगात्मक अभियान है। इस अवसर पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान – एम्स और भारतीय राजस्व सेवा महिला संघ ने संयुक्त रूप से आज नई दिल्ली में एक पदयात्रा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में इंडिया गेट पर कैंसर से उबर चुके बच्चे अपने माता-पिता के साथ शामिल हुए। यहां बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई। आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में, एम्स नई दिल्ली में बाल रोग तथा कैंसर विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. रचना सेठ ने कैंसर से पीड़ित बच्चों के लिए शीघ्र निदान, पूर्ण उपचार और दीर्घकालिक अनुवर्ती देखभाल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य बाल कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाना और उचिततथा नियमित उपचार देकर उन्हें स्वस्थ करना है।
डॉ. सेठ ने कहा कि अगर निदान सटीक हो, समय पर डॉक्टर से संपर्क किया जाए और इलाज हो, तो इन बच्चों को ठीक किया जा सकता है। उन्होंने देखभाल करने वालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच सतर्कता बरतने की आवश्यकता की पर बल दिया ताकि किसी भी खतरनाक लक्षण को नज़रअंदाज़ न किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सा जगत कैंसर से उबरे बच्चों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि उचित देखभाल और मार्गदर्शन से ये बच्चे सार्थक और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।