पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज विशाखापत्तनम बंदरगाह प्राधिकरण की कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी और भारत के समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार के दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत की। सभा को संबोधित करते हुए पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने जहाज निर्माण और मरम्मत के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ और ‘मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047’ पहलों का उल्लेख करते हुए पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सोनोवाल ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2030 तक शीर्ष 10 जहाज निर्माण करने वाले देशों में और 2047 तक शीर्ष पांच देशों में शामिल होना है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सोनोवाल ने घोषणा की कि विशाखापत्तनम में 305 करोड़ रुपये की लागत से एक उन्नत जहाज प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र अनुसंधान और विकास, जहाज डिजाइन और विशिष्ट शिक्षा पर केंद्रित होगा।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सोनोवाल ने कहा कि आंध्र प्रदेश के दुग्गीराजपटनम में एक बंदरगाह-सह-जहाज निर्माण तथा जहाज मरम्मत क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। उन्होंने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और राज्य सरकार की दूरदर्शी समुद्री नीति की प्रशंसा की।