संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
पहले स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम पर चर्चा की मांग को लेकर फिर नारेबाजी शुरू कर दी।
केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जे.पी नड्डा ने कल ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा में गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के दौरान विपक्ष के वॉकआउट करने की आलोचना की। श्री नड्डा ने कहा कि 2008 में मुंबई आतंकी हमलों पर चर्चा के दौरान तत्कालीन गृहमंत्री और प्रधानमंत्री ने जवाब दिया था।
श्री नड्डा ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट कर दिया था कि यह सरकार का निर्णय है कि कौन सा मंत्री बोलेगा और जवाब देगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की मांग की थी लेकिन जब अवसर मिला तो उन्होंने गृहमंत्री का बयान सुने बिना ही सदन से वॉकआउट किया। श्री नड्डा ने कहा कि ये विपक्ष के दोगलेपन को दर्शाता है।
इसके बाद पीठासीन अधिकारी घनश्याम तिवारी ने प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण उसमें व्यवधान आया। गतिरोध जारी रहने पर कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले, सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने पर राज्यसभा ने नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार-निसार उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी। उपसभापति हरिवंश ने कहा कि राजनीतिक दलों के विभिन्न मुद्दों से जुड़े 28 स्थगन प्रस्ताव मिले थे लेकिन उन्हें नियमों का हवाला देते हुए अस्वीकार कर दिया गया।
उसके बाद उपसभापति ने शून्यकाल चलाने का प्रयास किया लेकिन विपक्षी सदस्यों ने बिहार में पुनरीक्षण कार्यक्रम वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। गतिरोध जारी रहने पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
उधर, लोकसभा कार्यवाही भी विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने आंध्र प्रदेश में श्री हरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार-निसार उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी।
श्री बिरला ने प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की लेकिन विपक्षी सदस्य बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यक्रम को वापस लेने की मांग करते हुए तथा अन्य मुद्दों को लेकर सदन के बीचों-बीच आ गए।
अध्यक्ष ने उनके व्यवहार पर चिंता व्यक्त की और उन्हें अपनी सीटों पर वापस जाने को कहा, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने विरोध जारी रखा और सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गई।