लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। पहले स्थगन के बाद जब लोकसभा दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू हुई तो विपक्षी सदस्यों ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआईआर और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी जारी रखी। उन्होंने बिहार में एसआईआर को वापस लेने की भी मांग की। शोरगुल के बीच, युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025 और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया। पीठासीन अधिकारी संध्या रे ने शून्यकाल चलाने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के बीच आ गए और कार्यवाही बाधित की। सुश्री रे ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन वे सदन को चलने नहीं दे रहे हैं। शोरगुल जारी रहने पर आसन ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले, जब सदन सुबह 11 बजे शुरू हुआ तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू किया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। श्री बिरला ने विपक्ष से प्रश्नकाल की अनुमति देने की अपील करते हुए कहा कि देश की जनता उनके आचरण को देख रही है। उन्होंने सदन के अंदर व्यवधान पैदा करने और तख्तियां दिखाने पर चिंता व्यक्त की। लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष से निर्धारित नियम के अनुसार मुद्दों पर चर्चा चलने देने की अपील की।
शोरगुल के बीच, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार में रेलवे परियोजनाओं से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दिया। विपक्षी सदस्यों ने अपना विरोध जारी रखा, जिसके कारण अध्यक्ष ने सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। ऐसा ही नजारा राज्यसभा में भी देखा गया, जब यह दोपहर 12 बजे पहले स्थगन के बाद फिर शुरू हुआ। इससे पहले सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की। उन्होंने अपनी मांग से संबंधित कार्यस्थगन प्रस्ताव भी दिए थे, लेकिन उपसभापति हरिवंश ने सभापति के पूर्व के निर्णय का हवाला देते हुए उनके प्रस्ताव अस्वीकार कर दिए। उन्होंने सदन को सूचित किया कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके सहित विभिन्न दलों से 25 कार्यस्थगन प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उपसभापति ने विपक्षी सदस्यों से शून्यकाल चलने देने की अपील की ताकि सदस्य अपने मुद्दे उठा सकें, लेकिन विपक्ष ने अपना विरोध जारी रखा, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।